फूलों की पाती पे चमकती हुई ओ़स की बूँद है ज़िन्दगी !
सूरज के पहली किरण के साथ पक्षियों का कलरव है ज़िन्दगी !
बारिश की बूदों के साथ वो गीतों की गुनगुनाहट है ज़िन्दगी !
माँ की गोद में बच्चे की पहली किलकारी है ज़िन्दगी !
कवि की कलम से टपकती हुई पक्तियां है ज़िन्दगी !
लड़कपन के पहले प्यार का इज़हार है ज़िन्दगी !
अनजानी राहों में जानी पहचानी मुस्कान की तलाश है ज़िन्दगी !
बिखरे हुए लम्हों को पिरोने की कोशिश है ज़िन्दगी !
Sunday, August 9, 2009
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